स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंडल में सख्ती, अनफिट वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
11 से 25 अगस्त तक चलेगा “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” अभियान, अनफिट स्कूल वाहनों की बनेगी रेड लिस्ट
बांदा/चित्रकूट। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर चित्रकूटधाम मंडल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 13 अगस्त को आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल, बांदा श्री अजीत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग के “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के तहत 11 से 25 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान मंडल के सभी जनपदों में स्कूली बच्चों के आवागमन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की फिटनेस, परमिट, पंजीयन और सुरक्षा मानकों की सघन जांच होगी।
🚨 जर्जर और अनफिट वाहनों पर शिकंजा
आयुक्त ने निर्देश दिए कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र वाले वाहन से स्कूली बच्चों का परिवहन किसी भी हालत में न किया जाए। जर्जर, अनफिट या असुरक्षित वाहन सड़क पर चलते मिले तो संबंधित विद्यालय और वाहन संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार नोटिस के बावजूद फिटनेस नहीं कराने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों पर भी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
🚌 ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस
स्कूल वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने साफ किया है कि ओवरलोडिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। छोटे बच्चों की यात्रा के दौरान आवश्यकता के अनुसार महिला या पुरुष सहायक की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
👁️ चालक का चरित्र, स्वास्थ्य और आंखों की होगी जांच
स्कूली वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन, स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र परीक्षण कराया जाएगा। अभिभावकों से भी समय-समय पर चालक के व्यवहार, अनुशासन और वाहन संचालन को लेकर फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहनों में उपलब्ध फायर सेफ्टी, फर्स्ट एड सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की मौजूदगी और उनकी कार्यशीलता भी जांची जाएगी।
अनफिट स्कूलों की बनेगी ‘रेड लिस्ट’
अभियान के दौरान अनफिट अथवा अनधिकृत वाहनों का इस्तेमाल करने वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उनकी “रेड लिस्ट” तैयार की जाएगी। ऐसे विद्यालयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालक, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन तथा अत्यधिक पुराने एवं खराब वाहनों के संचालन पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय यान सुरक्षा समितियां होंगी सक्रिय
आयुक्त ने जिला विद्यालय यान सुरक्षा समितियों को सक्रिय करते हुए अभियान के दौरान विशेष बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन और शिक्षा विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे और अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे।
आयुक्त का स्पष्ट संदेश
आयुक्त श्री अजीत कुमार ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित विद्यालय आवागमन सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय प्रबंधन, वाहन संचालक, चालक और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करना होगा। लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का फोकस सिर्फ चालान और कार्रवाई पर नहीं, बल्कि स्कूल जाने वाले हर बच्चे की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने पर है।
