चित्रकूट में प्रधानाध्यापकों के क्षमता संवर्द्धन हेतु तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का सफल आयोजन

चित्रकूट में प्रधानाध्यापकों के क्षमता संवर्द्धन हेतु तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का सफल आयोजन

चित्रकूट-

प्रशिक्षण के बाद प्रशस्ति पत्र का वितरण करते प्राचार्य

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) शिवरामपुर, चित्रकूट के प्रांगण में समग्र शिक्षा अभियान एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों के लिए “सक्षम मॉड्यूल आधारित तीन दिवसीय हेड मास्टर प्रशिक्षण एवं मेंटल वेलनेस कार्यक्रम” का भव्य समापन 27अगस्त 2026 को किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की प्रशासनिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं नेतृत्व क्षमताओं को सशक्त करना तथा उनके मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल वेलनेस) का संवर्द्धन करना रहा।
प्राचार्य डायट बी.के. शर्मा ने बताया कि विद्यालय का नेतृत्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। आज शिक्षा के क्षेत्र में नित-नए और सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। ‘निपुण भारत मिशन’, ‘पूर्व प्राथमिक शिक्षा’ और ‘बालवाटिका’ जैसे अभियानों के माध्यम से हमारी प्राथमिक शिक्षा एक नए दौर से गुजर रही है। इन राष्ट्रीय लक्ष्यों को धरातल पर शत-प्रतिशत उतारने और परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने की मुख्य जिम्मेदारी हमारे प्रधानाध्यापकों के कंधों पर है। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण विशेष रूप से इसी उद्देश्य से तैयार किया गया है कि हम अपनी प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, अंतर्विभागीय समन्वय, शैक्षणिक उत्तरदायित्वों और विद्यालय में समावेशी संस्कृति के विकास को और अधिक सुदृढ़ कर सकें। प्रथम दिवस (24 अगस्त 2026) में पंजीयन एवं उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रधानाध्यापक के विद्यालयीय दायित्व (श्री धीरेन्द्र सिंह ), अंतर्विभागीय समन्वय में प्रधानाध्यापक की भूमिका (श्री ओ.पी. सिंह व अखिलेश पाण्डेय), प्रधानाध्यापक के शैक्षिक दायित्व (श्री महेश प्रसाद) तथा विद्यालय में समावेशी संस्कृति का विकास (श्री ओ.पी. सिंह) जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
द्वितीय दिवस (25 अगस्त 2026) में उपस्थिति एवं प्रार्थना के साथ सत्र का आरंभ हुआ, जिसमें प्रधानाध्यापक के वित्तीय दायित्व (श्री महेश प्रसाद ), निपुण भारत मिशन, पूर्व प्राथमिक शिक्षा एवं बालवाटिका-3 (श्री धीरेन्द्र सिंह ), प्रधानाध्यापक के सामुदायिक दायित्व (श्री ओ.पी. सिंह ) तथा स्व-विकास (श्री धीरेन्द्र सिंह) पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
तृतीय दिवस (27 अगस्त 2026) में मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस (श्री शिवलाल सिंह यादव), समस्याओं के प्रकार एवं उनके प्रबंधन (श्री अखिलेश पाण्डेय), प्रारंभिक हस्तक्षेप तथा परामर्शी एवं प्रबंधन तकनीक जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम डायट प्राचार्य श्री बी.के. शर्मा (P.E.S.), वरिष्ठ प्रवक्ता नीलम यादव (P.E.S.) तथा प्रवक्ता एवं प्रशिक्षण प्रभारी श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से आए ऊर्जावान प्रधानाध्यापकों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की और अपने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कौशल को उन्नत किया।

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